यह आसन विचलित मन को शांत करता है। इसके नियमित अभ्यास से न केवल तनाव दूर होता है, बल्कि रीढ़ भी ठीक रहती है। यह आसन करने के लिए पैर और हाथ सीधे आगे की तरफ फैलाकर खुद को सामने की ओर ऐसे झुकाएं कि माथा घुटनों को छुए। ऐसा करते हुए ध्यान रखें कि अपने सामर्थ्य से ज्यादा झुकने के लिए जबर्दस्ती न करें। कमर को झटका देकर आगे झुकाने की कोशिश बिलकुल न करें।

 

Dainik Tribune