यदि आपकी उम्र 18 से 64 साल के बीच है तो हफ्ते में कम से कम 150 मिनट एक्सरसाइज जरूर करें। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने यह सलाह देते हुए कहा है कि शारीरिक असक्रियता के कारण ‘साइकोसिस’ नाम का मानसिक रोग होने का खतरा बढ़ जाता है। यह रोग हमारी जिंदगी के 15 साल तक कम कर सकता है। इतना ही नहीं, शारीरिक असक्रियता धूम्रपान जितनी ही खतरनाक है और ऐसी मौतों का चौथा सबसे बड़ा कारण है, जिन्हें टाला जा सकता है। करीब 50 देशों के लगभग 2 लाख लोगों पर शोध के आधार पर डब्ल्यूएचओ ने सलाह दी है कि हफ्ते में 150 मिनट शरीर को सक्रिय रखना बेहद जरूरी है, आप सैर कर सकते हैं, साइकिल चला सकते हैं या अपनी सुविधा और पसंद के अनुसार ऐसी कोई भी एक्सरसाइज अपना सकते हैं। किंग्स कॉलेज लंदन की ओर से किए गये इस शोध में यह भी पाया गया कि शारीरिक असक्रियता के कारण साइकोसिस का खतरा पुरुषों में ज्यादा होता है। साइकोसिस एक ऐसा मनोरोग है, जो हमारे विचारों, महसूस करने की क्षमता और भावनाओं को प्रभावित करता है। यह हमारे विवेक, व्यवहार और व्यक्तित्व पर भी असर डालता है। इसमें व्यक्ति अपनी ही बात को सही मानता है, किसी के आस-पास न होते हुए भी उसे आवाज और कुछ दिखने का भ्रम होता है। इस बीमारी में व्यवहार में भी परिवर्तन हो सकते हैं। कभी-कभी व्यवहार उत्तेजना का रूप ले सकता है और कभी-कभी व्यक्ति कटा-कटा सा रहने लगता है।

 

दौड़-भाग तो जिंदगी का हिस्सा बन चुकी है। कामकाज का दबाव भी दिमाग को सहना पड़ता है। नतीजा होता है तनाव, जो हमारे व्यवहार ही नहीं, दिमागी क्षमता को भी प्रभावित करने लगता है। इस तनाव को दूर करने और दिमाग को तरोताजा करने में मदद कर सकता है योग।

Dainik Tribune